असम की राजधानी - capital of assam in hindi

असम भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है। जिसकी सीमा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, पश्चिम बंगाल से लगती हैं। साथ ही यह राज्य बांग्लादेश और भूटान के साथ अंतर्राट्रीय सीमा साझा करती हैं। असम का कुल क्षेत्रफल 78,438 वर्ग किमी है। यह क्षेत्रफल के आधार पर भारत का 16 वां सबसे बड़ा राज्य हैं। असम दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।

असम की राजधानी

असम की राजधानी दिसपुर है। दिसपुर गुवाहाटी शहर के अंदर स्थित हैं। दिसपुर में सचिवालय भवन, विधान सभा भवन और मुख्यमंत्री और राज्यपाल का आवास स्थित है। प्रमुख धार्मिक स्थल की बात करे तो यहाँ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल बशिष्ठ आश्रम तथा नवग्रह मंदिर स्थित हैं। कामाख्या मंदिर गुवाहाटी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जो केवल दिसपुर से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित है।

असम की आधिकारिक भाषा असमिया है, जो राज्य में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है। इसके बाद बंगाली दूसरी सबसे अधिक प्रचलित भाषा है। इसके अलावा, राज्य में सिलहटी बांग्ला, कार्बी, बिष्णुप्रिया मणिपुरी, बोडो, अहोम, मैथिली, और रोहिंग्या जैसी कई अन्य भाषाएँ भी बोली जाती हैं, जो असम की समृद्ध भाषाई विविधता को दर्शाती हैं।

असम चाय और रेशम के लिए जाना जाता है। असम एक सींग वाले भारतीय गैंडों का घर है, साथ ही जंगली भैंस, बौना हॉग, बाघ और एशियाई पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के साथ एशियाई हाथी यहाँ निवास करते है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और मानस राष्ट्रीय उद्यान राज्य में स्थित दो विश्व धरोहर स्थल हैं।

असम में पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह सर्दियां थोड़ी गर्म होती हैं। साथ इस मौसम में कभी-कभी बारिश भी हो जाती हैं। राज्य में मानसून का मौसम जून के महीने से शुरू होता है। जो भारी बारिश के साथ तेज आंधी लाती है।

असम का इतिहास 

आजादी के बाद से भारत सरकार ने असम को कई राज्यों में विभाजित किया है। 1963 में, नागा हिल्स जिला नागालैंड के रूप में भारत का 16वां राज्य बना।

1970 में, खासी, जयंतिया और गारो समुदायों की मांगों के मद्देनजर असम से खासी, जयंतिया और गारो पहाड़ियों को अलग कर मेघालय राज्य बनाया गया। 1972 में, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में असम से अलग किया गया, जो 1986 में पूर्ण राज्य बन गए।

असम के पुनर्गठन के बाद से क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा बनी रही। अलगाववादी समूहों का गठन हुआ, जिन्होंने स्वायत्तता और संप्रभुता की मांग की, जिससे असम का विखंडन और सामाजिक अस्थिरता बढ़ी।

1961 में, असम सरकार ने असमिया भाषा को अनिवार्य करने वाला कानून पारित किया, लेकिन कछार में बंगाली भाषी समुदाय के विरोध के कारण इसे वापस लेना पड़ा। 1980 के दशक में ब्रह्मपुत्र घाटी में छह वर्षों तक असम आंदोलन चला, जो मतदाता सूची में अचानक हुई वृद्धि के विरोध में शुरू हुआ था।

आंदोलन का उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और निर्वासन सुनिश्चित करना तथा स्वदेशी असमिया बहुसंख्यक समुदाय के संवैधानिक, विधायी, प्रशासनिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करना था।

1985 में असम आंदोलन सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुए असम समझौते के बाद समाप्त हुआ, लेकिन समझौते को प्रभावी रूप से लागू नहीं किए जाने के कारण असंतोष बना रहा।

1970 के दशक के बाद, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड जैसे सशस्त्र अलगाववादी संगठन सक्रिय हुए। नवंबर 1990 में, भारत सरकार ने सेना की तैनाती की, जिसके बाद एक दशक से अधिक समय तक कम तीव्रता वाला सैन्य संघर्ष और राजनीतिक हत्याकांड होते रहे। हाल के वर्षों में जातीय उग्रवादी समूहों की संख्या में वृद्धि हुई है।

राज्य में धीमी विकास दर और स्वदेशी असमिया समुदायों के प्रति सरकार की उदासीनता के चलते विभिन्न समुदायों के आंदोलन तेज हुए। इसके जवाब में, असम में पंचायती राज अधिनियम लागू किया गया।

असम का भूगोल 

ब्रह्मपुत्र असम से होकर बहती है, जिसके कारण यहाँ की जलवायु ठंडी होती है और महीने के अधिकांश समय वर्षा होती है। ब्रह्मपुत्र को असम की जीवन रेखा कहा गया है।

असम में प्रवेश करने वाली प्रमुख नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ एक विस्तृत बाढ़ का मैदान बनाती हैं। राज्य के दक्षिण में, बरेल रेंज से निकलने वाली बराक नदी लगभग 25-30 मील चौड़ी घाटी बनाते हुए कछार जिले से होकर बहती है और बांग्लादेश में सूरमा नदी के रूप में प्रविष्ट होती है।

राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों में गुवाहाटी शामिल है, जिसे "पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार" कहा जाता है और यह दुनिया के 100 सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में से एक है। असम का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर सिलचर व्यापार और वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र है। अन्य प्रमुख शहरों में डिब्रूगढ़ शामिल है, जो तेल और प्राकृतिक गैस उद्योग का केंद्र है।

जलवायु - उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु होने के कारण यहाँ भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता देखी जाती है। मानसूनी बारिश यहाँ की जलवायु की प्रमुख विशेषता है, जो गर्मियों के तापमान को नियंत्रित करती है और सर्दियों में धुंधली रातों व सुबहों को प्रभावित करती है।

बाढ़ - ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियां हर वर्ष असम में बाढ़ बाढ़ का कारण बनती है। अत्यधिक वर्षा से नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे वे किनारों को पार कर आसपास के क्षेत्रों में फैल जाती हैं। बाढ़ के कारण घरों में पानी घुसने के अलावा, पुल, रेलवे ट्रैक और सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे कई इलाकों में संचार बाधित हो जाता है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य में हर साल जनहानि भी होती है।

प्राकृतिक संसाधन - असम में पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला, चूना पत्थर और अन्य छोटे खनिज जैसे चुंबकीय क्वार्टजाइट, काओलिन, सिलीमेनाइट, मिट्टी और फेल्डस्पार पाए जाते हैं। हाल ही में, यूएसजीएस (USGS) के अनुमान के अनुसार, असम भूगर्भिक प्रांत में 399 मिलियन बैरल तेल, 1,178 बिलियन घन फीट प्राकृतिक गैस और 67 मिलियन बैरल प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ के भंडार मौजूद हैं।

जैव विविधता - असम दुनिया के सबसे समृद्ध जैव विविधता क्षेत्रों में से एक है। यहाँ वर्षावन, पर्णपाती वन, घास के मैदान और कई पारिस्थितिकी तंत्र पाया जाता हैं। साथ ही कई संरक्षित क्षेत्र भी स्थित हैं।

असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और मानस वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं, जो जंगली जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षा प्रदान करते हैं। असम एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ तेजी से विलुप्त हो रहे भारतीय गैंडे पाए जाते हैं।

यहाँ सफेद पंखों वाली बत्तख, बंगाल फ्लोरिकन, ब्लैक-ब्रेस्टेड पैरटबिल, रेड-हेडेड गिद्ध, व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध, ग्रेटर एडजुटेंट, जेर्डन बब्बलर और रूफस-नेक्ड जैसी कई लुप्तप्राय प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।

असम की जनसंख्या

असम भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य है, जिसकी जनसंख्या समय के साथ निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2022 में असम की अनुमानित जनसंख्या 353.78 लाख थी, जिसमें 180.06 लाख पुरुष और 173.71 लाख महिलाएँ शामिल थीं। यदि हम जनसंख्या वृद्धि दर को देखें, तो 2001 से 2011 के दशक के दौरान राज्य की जनसंख्या में 17.07% की वृद्धि दर्ज की गई थी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या 31,169,272 थी।

साक्षरता दर - 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की साक्षरता दर 73.18% थी, जो राष्ट्रीय औसत के करीब थी। पुरुषों की साक्षरता दर महिलाओं की तुलना में अधिक थी।

धार्मिक संरचना

2011 की जनगणना के अनुसार -

  • हिंदू धर्म: 61.47% लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं, जो राज्य में बहुसंख्यक समुदाय है।
  • इस्लाम: 34.22% जनसंख्या मुस्लिम समुदाय से है, जो राज्य में दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह है।
  • ईसाई धर्म: 3.7% लोग ईसाई धर्म को मानते हैं, जो मुख्य रूप से पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में केंद्रित हैं।
  • अन्य धर्म:
    • जैन धर्म: 0.1%
    • बौद्ध धर्म: 0.2%
    • सिख धर्म: 0.1%

असम के मुख्यमंत्री

श्री हिमंत बिस्वा सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री हैं। 10 मई 2021 को हिमंत बिस्वा ने असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हेमंत बिस्वा सरमा 2001 में पहली बार जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से असम विधानसभा के लिए चुने गए थे। जिसके बाद 2006 में फिर से चुने गए।

हिमंत बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट असम में हुआ था। बिस्वा के पिता का नाम कैलाश नाथ सरमा और माता का नाम मृणालिनी देवी है। उन्होंने 1985 में गुवाहाटी के कामरूप अकादमी स्कूल से अपनी माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने क्रमशः 1990 और 1992 में कॉटन कॉलेज, गुवाहाटी से राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

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