डेविड रिकार्डो ने लगान सिद्धांत को आर्थिक लगान का सिद्धांत भी कहा जाता है। रिकार्डो के पहले प्रकृतिवादियों का विचार था कि लगान प्रकृति की उदारता का परिणाम होता है। उनका विचार था कि चूँकि प्रकृति बहु…
वितरण के सिद्धान्त के रूप में मुख्यतया तीन सिद्धान्त प्रतिपादित किये गये हैं - वितरण का प्रतिष्ठित सिद्धान्त, वितरण का सीमान्त उत्पादकता का सिद्धान्त, वितरण का आधुनिक सिद्धान्त या माँग एवं पूर्ति क…
भारत का बैंकिंग व्यवसाय अति प्राचीन है। हालांकि बैंकिंग का स्वरूप आधुनिक बैंकों के समान नहीं था। भारत में बैंकिंग व्यवसाय पारिवारिक अथवा व्यक्तिगत व्यवसाय के रूप में किया जाता रहा है। देश के विभिन्न …
भारतीय किसान अक्सर अशिक्षित और गरीब होते हैं। वे कर्ज में डूबे रहते हैं, जिससे न तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधर पाती है और न ही वे खेती में सुधार कर पाते हैं। गाँवों में आसानी से कर्ज लेने की सुविधा नहीं…
राष्ट्रीय आय समष्टि अर्थशास्त्र का मुख्य विषय है। इसका महत्व केवल आर्थिक सिद्धांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी देश की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए भी जरूरी है। मनुष्य का सुख-दुख कई चीजों पर निर…
निजी आय तथा वैयक्तिक आय में प्रमुख अन्तर निम्नांकित हैं - निजी आय वैयक्तिक आय निजी आय, वैयक्तिक आय की तुलना में एक व्यापक धारणा है। वैयक्तिक आय एक संकुचित धारणा है। निजी आय निजी उद्यमों एवं परिवारो…
राष्ट्रीय आय तथा निजी आय में प्रमुख अन्तर निम्नांकित हैं - निजी आय राष्ट्रीय आय निजी आय में आय-भुगतान तथा हस्तांतरण भुगतान दोनों शामिल किए जाते हैं। राष्ट्रीय आय में केवल आय-भुगतान शामिल किए जाते है…
नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत हैं। अर्थशास्त्र के टॉपिक में इस पोस्ट में हम अर्थव्यवस्था के संबंध में चर्चा करने वाले हैं। बंद अर्थव्यवस्था एवं खुली अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं और दोनों में क्या अंतर होत…
राष्ट्रीय आय की कुछ आधारभूत अवधारणाएँ निम्नांकित हैं - चालू और स्थिर कीमतों पर राष्ट्रीय आय देश की घरेलू आय देश के सामान्य निवासी स्टॉक एवं प्रवाह बन्द एवं खुली अर्थव्यवस्था राष्ट्रीय पूँजी राष्ट्री…
जिस प्रकार एक व्यक्ति अथवा फर्म अपनी व्यावसायिक स्थिति की जानकारी के लिए लेखा-जोखा रखती है। उसी प्रकार एक देश अपनी सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था की जानकारी के लिए राष्ट्रीय लेखों का निर्माण करता है। सम्पूर्ण…